वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म करने और वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतनमान व अन्य सुविधाओं की मांग
को लेकर को विशाल राज्यव्यापी महाआंदोलन का आयोजन किया गया।
पूर्णिया। पूर्णिया में वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म करने और वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतनमान व
अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर बुधवार को विशाल राज्यव्यापी महाआंदोलन का आयोजन किया गया। बिहार
प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सीमांचल क्षेत्र के हजारों शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और
शिक्षा प्रेमियों ने भाग लिया। भारी बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च करते हुए पूर्णिया सदर एसडीएम
कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सदर एसडीएम दीक्षित श्वेतम को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस
दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी सालों पुरानी पीड़ा और मांगों को साझा किया। उनकी मुख्य मांगें
वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और शिक्षकों को नियमित वेतनमान समेत अन्य सुविधाएं प्रदान करना
है।
वित्त रहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त कर शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाने की मांग की गई है।
साथ ही शिक्षकों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा सेवा
सुरक्षा, पेंशन और भविष्य निधि का लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों के लिए
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की मांग भी इनके मांग पत्र में शामिल है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि वर्षों से उच्च
शिक्षा की रीढ़ रहे इन शिक्षकों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांगें पूर्णतः
न्यायसंगत हैं। हम सरकार को यह याद दिलाने आए हैं कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन शिक्षकों के त्याग पर
टिकी है, जिन्हें आज तक उनका हक नहीं मिला।
