कहावत है राजनीति में ना कोई स्थायी किसी का दोस्त होता है और ना ही दुश्मन.बिहार की राजधानी पटना में यह कहावत सौ फीसदी सच साबित हो रही है. वजह बांकीपुर में उप चुनाव जो है. कल तक जो भगवा रंग के खिलाफ मैदान में ताल ठोक रहे थे आज वो सिर में केसरिया पट्टी लगाते नही अघा रहें हैं. दूसरी तरफ कल तक भगवा वाले जिन्हें पानी पी पी कर कोस रहे थे आज उनके गुण गाते नही अघा रहे हैं.
दरअसल बांकी पुर विधान सभा का नजारा अभी बिल्कुल बदला - बदला सा है. भला बदले क्यों नही.लोकतंत्र का महापर्व जो है. बांकीपुर वासियों का सौभाग्य है कि एक साल के अंदर उन्हें दुबारा अपना जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर जो मिला है. 2025 में उन्होनें जिनको( नितीन नवीन) को विधायक बनाया उनका प्रमोशन ऐसा हुआ कि वे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बने ही संसद में भी उच्च सदन में चले गये. ऐसे मे बांकीपुर की अहमियत भी बढ गयी है.
बांकीपुर के चुनाव मैदान मेंएन डी ए के दिग्गजो का जमावड़ा लगा है. ये दिग्गज खुद चुनाव तो लड़ नही रहे हां दूसरो को लड़ा जरूर रहे हैं., वजह है कि अब तक दूसरों को चुनाव जितवाने और मुख्यमंत्री बनाने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में है. उनके सामने बीजेपी ने नीरज कुमार सिंहा को चुनाव मैदान में उतारा है जो प्रशांत किशोर के सामने कही टिकते नही दिखते. यानि पीके के चेहरे के सामने नीरज एक साधारण कार्यकर्ता दिखते हैं. लेकिन पार्टी की हैसियत तो प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज से कई सौ गुणा ज्यादा बड़ी है.बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का यह विधान सभा क्षेत्र होने के कारण पूरी बीजेपी की साख यहां दाव पर है. यही वजह है कि नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा भोजपुरी अभिनेता पवन सिह, मनोज तिवारी और लोक गायिका मैथिली ठाकुर के अलावा बीजेपी ने अपने सभी केन्द्रीय मंत्रियों , के अलावा राज्यसरकार के मंत्रियों ,सांसदो और विधायकों को स्टार प्रचारक के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है. यानि 40 की संख्या में बाकीपुर लैंड करने वाले ये स्टार प्रचारक चालीस वार्ड के मतदाताओं को बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेगें,
लेकिन बीजेपी नेतृत्व को इतना से ही मन नही भरा और प्रशात किशोर को धूल चटाने के लिये पीके के साथ रहे नेताओं को अपनी पार्टी में लाने की मुहिम चला दी.
परिणाम यह हुआ कि 2025 के विधान सभा में कुम्हरार से जन सुराज के उ्मीदवार रहे के सी सिंहा,दीघा से रहे जनसुराज के उम्मीदवार रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह और मनेर से रहे पूर्व प्रत्याशी संदीप कुमार सिंह उर्फ गोपाल सिंह को समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल करा दिया.
जिस के सी सिंहा को बीजेपी में 2025 में धूल चटाया था वही के सी सिंह को बीजेपी में लाकर पार्टी के नेता इसे अपनी उपलब्धि बता रहे है. के सी सिंहा के बीजेपी में आने के साथ ही बीजेपी में पोस्टर वार शुरू होगा गया है और गुरूवार को राजधानी पटना की सड़को पर बीजेपी के द्वारा लगाये गये पोस्टर में प्रशांत किशोर को टोपी पहने और हाथ में नोट लिये दिखाया गया है.इस पोस्टर में लिखा है के सी सिंहा तो अभी झांकी है , जमानत जब्त होना बाकी है., वोट नही नोट चाहिये.
यानि केसी सिंहा के आने से बीजेपी के नेता गद गद है और अब लगता है कि कायस्थों का वोट अब एक मुश्त बीेजपी उम्मीदवार नीरज सिंहा को मिल जायेगा.
यानि प्रशांत किशोर को चुनावी मात देने के लिये पीके के नेताओं का ही इस्तेमाल हो रहा है.
