पटना। राज्य के खान एवं भू-तत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसान अपने ही खेत से
घरेलू या कृषि उपयोग के लिए मिट्टी निकालते हैं तो उन पर खनन अधिकारी जुर्माना न लगाएं। विभाग की
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों में आगे की कार्रवाई करने से
पहले खनन अधिकारियों को पूरी तरह जांच-पड़ताल करनी चाहिए। बैठक में सहायक निदेशक एवं खनन विकास
पदाधिकारी (एमडीओ) उपस्थित थे। इस अवसर पर विभाग के सचिव-सह-खनन आयुक्त अवनीश कुमार सिंह तथा
खान निदेशक मनेश कुमार मीणा भी मौजूद थे।
प्रमोद कुमार ने कहा कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि किसान अपने ही खेत से घरेलू अथवा कृषि
प्रयोजन के लिए मिट्टी निकालने पर जुर्माने का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना
तथ्य जांचे किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई न करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अवैध खनन में
संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई करें, लेकिन किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न करें।
प्रमोद कुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में एक ऐसा मामला भी आया है, जिसमें केवल एक सब-इंस्पेक्टर के निर्देश
पर एक ईंट-भट्ठे के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल किसी एसआई के निर्देश
पर कोई खनन अधिकारी किसी व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर कैसे दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि
आश्चर्यजनक रूप से उस एफआईआर में ईंट-भट्ठा मालिक का नाम भी दर्ज नहीं है, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति का
नाम लिखा गया है।
प्रमोद कुमार ने कहा कि क्या खनन निरीक्षक के पास स्वयं जांच करने का अधिकार नहीं है। किसी के निर्देश पर
कार्रवाई करने से पहले खनन निरीक्षक को स्वयं मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना, औरंगाबाद,
भोजपुर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और अरवल जैसे पांच से सात जिले विभाग को सर्वाधिक राजस्व उपलब्ध
कराते हैं। यदि इन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा तो पूरे विभाग का राजस्व लक्ष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि
विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सहायक निदेशकों एवं खनन विकास पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह
ने बालू घाटों के बंदोबस्त में देरी, राजस्व संग्रह में कमी, समय पर एफआईआर दर्ज नहीं होने तथा वाहनों की
जब्ती में ढिलाई पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक से पहले
प्रत्येक जिले में राजस्व संग्रह की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें। विशेष रूप से नव-नियुक्त खनन
विकास पदाधिकारियों को दस्तावेजी प्रक्रिया, बिहार खनन नियमावली तथा विभागीय नियम-कायदों का गहन
अध्ययन करने को कहा। बैठक के अंत में मंत्री प्रमोद कुमार ने उत्कृष्ट कार्य के लिए विभाग के दो अधिकारियों
आनंद किशोर एवं सचिन किशोर को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
