मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
सम्राट चौधरी ने कहा- ‘प्रकृति केवल हमारी विरासत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाता है।’
पटना। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार 28 जुलाई को प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति केवल हमारी विरासत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण को हरा-भरा और सुरक्षित बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। जल स्रोतों को बचाने, पेड़ों की रक्षा करने, भूमि को सुरक्षित रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, साफ पानी और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सभी लोगों से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण को जन भागीदारी का अभियान बनाने की अपील करते हुए कहा कि मिल कर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं।
