मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर, नवगछिया और बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, सभी आवश्यक इंतजाम एवं एहतियाती कदम समय पर सुनिश्चित किए जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे।
पटना। बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। इससे 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार 5 सितंबर को भागलपुर, नवगछिया और बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, सभी आवश्यक इंतजाम एवं एहतियाती कदम समय पर सुनिश्चित किए जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे। आमजन की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्परता के साथ काम कार्य करे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती देखते कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव को गंगा के किनारे वाले जिलों में दौरा करने का निर्देश दिया है। राजधानी पटना के अलावा बक्सर, भोजपुर, सारण, कटिहार और वैशाली समेत गंगा के तटवर्ती 13 जिलों के प्रभारी मंत्री और सचिव निगरानी का काम सौंपा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी मंत्री-प्रभारी अपने बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप का दौरा करेंगे और राहत-बचाव कार्य की समीक्षा करेंगे। आपको बता दें कि राज्य में लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण पटना समेत 18 जिला बाढ़ की चपेट में है। इन जिलों में बाढ़ से स्थिति भयावह होती जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोग खुद का घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
