मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा- ‘आज की बेटियां शिक्षा के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हों।’

पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार 27 अगस्त को पटना स्थित मगध महिला महाविद्यालय परिसर में जी+6 साइंस ब्लॉक एवं ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य का भूमि पूजन का कार्यारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मगध महिला महाविद्यालय की छात्राओं से संवाद भी किया और उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘महिलाओं की उन्नति, बिहार की प्रगति’ राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बिहार की बेटियों और बहनों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना विकसित एवं समृद्ध बिहार के निर्माण के लिये अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। साइंस ब्लॉक के निर्माण से मगध महिला महाविद्यालय की छात्राओं को विज्ञान विषयों की पढ़ाई के लिए बेहतर एवं आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। इससे छात्राओं को उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि आज की बेटियां शिक्षा के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत एवं समृद्ध बिहार’ के संकल्प को साकार करने में महिलाओं और बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘बहनों का सम्मान, सरकार की पहचान’ के अनुरूप राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को निरंतर प्राथमिकता दे रही है। बिहार की बेटियों को बेहतर शिक्षा और अवसर देकर ही राज्य की विकास यात्रा को नई गति दी जा सकती है। ‘शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं।’

संवाद के दौरान मगध महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप निर्भीक होकर अपनी सारी बातें बताएं। आपके कॉलेज और आपको शैक्षणिक क्षेत्र में किस चीज की आवश्यकता है, मगध महिला महाविद्यालय को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, इसको लेकर आपके बीच आए हैं। मगध महिला महाविद्यालय की शोधार्थी छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना’ की शुरुआत की गई है, जिससे अधिक से अधिक छात्राएं शोध कर सकें। शिक्षण संस्थान के पठन-पाठन के समय में पुलिस दीदी की तैनाती की गई है ताकि कोई असामाजिक गतिविधि न कर सके। बहन-बेटियां सुरक्षित होकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार सहयोग कर रही है। एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं ताकि अधिक से अधिक छात्र बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों की शुरूआत की गई है। ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से आप ऑनलाइन अपनी समस्याएं और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। आपकी समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर होगा। आपके सुझाव भी हमारे लिए उपयोगी होंगे। यहां की छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद, जिम समेत अन्य गतिविधियों में भाग लें और अपना सर्वांगीण विकास करें। हम चाहते हैं कि बिहार की बेटियां स्किल्ड हों, उच्च शिक्षा प्राप्त करें। बिहार की बेटियों में ऐसी योग्यता और आत्मविश्वास आए कि वे सिर्फ रोजगार प्राप्त करनेवाली ही नहीं बल्कि रोजगार प्रदान करनेवाली बनें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘स्वर’ पत्रिका का विमोचन किया। एनसीसी की छात्राओं ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री ने मगध महिला महाविद्यालय की महिला छात्रावास का भी निरीक्षण किया और वहां की सुविधाओं की भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी बच्चियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शोधार्थी छात्राओं ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र भेंट किया और ‘मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना’ के लिए आभार व्यक्त किया। मगध महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी बांधा।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार सिंह, मगध महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. एनपी वर्मा समेत अन्य शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित थीं।