तेजस्वी यादव ने बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है, जिसमें उर्दू, अरबी, फारसी शिक्षकों और मदरसा कर्मियों के मुद्दे उठाए हैं।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उर्दू, अरबी और फारसी शिक्षकों की वर्तमान सरप्लस और स्थानांतरण सूची की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है।

पटना। बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उर्दू, अरबी और फारसी विषय के शिक्षकों के साथ कथित भेदभावपूर्ण और नियमविरुद्ध व्यवहार का आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि कई विद्यालयों में उर्दू, अरबी और फारसी के एकमात्र शिक्षक को भी सरप्लस घोषित कर स्थानांतरण सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी विद्यालय में किसी विषय का केवल एक शिक्षक उपलब्ध है, तो उसे सरप्लस घोषित कर स्थानांतरित करने से उस विद्यालय में संबंधित विषय का अध्यापन समाप्त हो सकता है।

तेजस्वी यादव ने पर्याप्त छात्र संख्या वाले विद्यालयों में इन विषयों के स्वीकृत पदों को समाप्त या कम किए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख किया है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उर्दू, अरबी और फारसी शिक्षकों की वर्तमान सरप्लस और स्थानांतरण सूची की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने नियमविरुद्ध पाए जाने वाले सभी स्थानांतरण तत्काल रद्द करने और विद्यालयों में कार्यरत एकमात्र विषय शिक्षक को सरप्लस घोषित करने की प्रक्रिया रोकने की मांग की। तेजस्वी यादव ने पत्र में 5 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले शिक्षकों, संविदा शिक्षकों और हाल में स्थानांतरण प्राप्त शिक्षकों को स्थानांतरण सूची में शामिल किए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने इन मामलों की नियमों के मुताबिक दोबारा समीक्षा करने की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने उर्दू और संस्कृत को साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए दोनों विषयों को समान शैक्षणिक महत्व देने की बात कही। तेजस्वी यादव ने प्रत्येक सरकारी विद्यालय में उर्दू और संस्कृत विषय के शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। उन्होंने अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के करीब 5 से 6 महीने से लंबित वेतन का मुद्दा भी उठाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के परिवारों की शिक्षा, चिकित्सा और दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से लंबित वेतन का पूर्ण भुगतान तत्काल करने की मांग की। साथ ही शिक्षा विभाग में हुई कथित विसंगतियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस पूरे मामले में संबंधित विभाग को स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा या शिक्षक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और बिहार की शिक्षा व्यवस्था राजनीतिक या प्रशासनिक लापरवाही का शिकार नहीं बननी चाहिए।