पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा में गड़बड़ी और सीवान छात्र आंदोलन के दौरान हुई एके-47 फायरिंग के मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने लोक भवन (राज भवन) मार्च निकाला।
तेजस्वी यादव ने कहा- ‘मैं जेल से डरने वाला नहीं हूं। हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था। जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है।’
‘जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस पूरी घटना की जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे और यह सामने नहीं आएगा कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।’
पटना। पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा में गड़बड़ी और सीवान छात्र आंदोलन के दौरान हुई एके-47 फायरिंग के मुद्दे को लेकर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने बुधवार 19 अगस्त को लोक भवन (राज भवन) मार्च निकाला। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोक भवन मार्च जेपी गोलंबर से निकला, जिसमें हजारों की संख्या में समर्थक उनके साथ मौजूद रहे। समर्थकों के साथ तेजस्वी यादव ने डाकबंगले पर लगाई बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गए। वहीं, लोक भवन मार्च को पुलिस ने इनकम टैक्स चौराहे पर रोक दिया। इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता लोक भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। इस दौरान पानी की तेज बौछार के बीच कार्यकर्ता सड़क पर ही डटे रहे और कई कार्यकर्ता रेन डांस करते नजर आए। मौके पर पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी।
इनकम टैक्स चौराहे पर तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद उन्हें सचिवालय पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘मैं जेल से डरने वाला नहीं हूं। हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था। जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस सरकार के खिलाफ हम लोग लड़ते रहेंगे। हम छात्रों के हक और अधिकार के लिए, बेरोजगारी को मिटाने के लिए, पेपर लीक रोकने के लिए, पारदर्शी परीक्षा, अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और बिहार को आगे बढ़ाने के लिए हम लोग हमेशा आवाज उठाते रहेंगे और लड़ते रहेंगे।’
इनकम टैक्स चौराहे पर तेजस्वी यादव के अलावा सांसद मीसा भारती समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। लोक भवन मार्च के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के ऊपर पानी की बोतलें भी फेंकीं। जबकि कुछ कार्यकर्ता लकड़ी की एके-47 लेकर भी पहुंचे। इस दौरान एसीपी लॉ एंड आर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को निर्देश दिया कि झंडे का सम्मान और लाठी का इस्तेमाल समझदारी से करें।
लोक भवन मार्च को इनकम टैक्स चौराहे पर रोक दिए जाने के बाद राजद का प्रतिनिधि मंडल लोक भवन गया। इस दौरान राज्यपाल सैयद अता हसनैन वहां मौजूद नहीं थे। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल के सेक्रेटरी को अपना ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में सांसद मनोज झा, सुधाकर सिंह, रणविजय साहू, अब्दुल बारी सिद्दीकी, भाई वीरेंद्र, उदय नारायण चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
वहीं, सचिवालय थाने से रिहा होने के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस पूरी घटना की जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे और यह सामने नहीं आएगा कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।’ उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। छात्रों के साथ न्याय नहीं होने और बेरोजगारी खत्म नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव 5 साल बाद सड़क पर संघर्ष करने उतरे थे। इससे पहले 2021 में बिहार सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे थे।
