राजद और कांग्रेस ने सम्राट सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कानून-व्यवस्था और अफसरशाही पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा और जदयू ने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए 100 दिनों को सफल बताया है।

सम्राट सरकार के 100 दिनों को पूरी तरह विफल बताते हुए रणविजय साहू ने कहा कि यदि सरकार को अंक दिया जाए जीरो बटा जीरो मिलेगा।

संजय सरावगी ने कहा कि सम्राट सरकार जनता को समर्पित है और इन 100 दिनों में 12 नई टाउनशिप, स्मार्ट शहरों की योजनाओं और बड़े निवेश प्रस्तावों पर ठोस कदम उठाए गए हैं।

पटना। बिहार की सम्राट सरकार के 23 जुलाई को 100 दिन पूरे होने पर विपक्षी पार्टियों ने सवाल उठाए हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सत्ता पक्ष ने इसे सुशासन, विकास और ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधारों का काल बताया है, जबकि विपक्ष ने इसे वादाखिलाफी, बेरोजगारी और जनता पर कर बढ़ाने वाला करार दिया है। महागठबंधन के घटल दल राजद और कांग्रेस ने सम्राट सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कानून-व्यवस्था और अफसरशाही पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा और जदयू ने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए 100 दिनों को सफल बताया है। दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 23 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का 100 दिन पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को शपथ लेने के साथ ही 100 दिनों के लक्ष्य के साथ काम शुरू किया था, जिसके बाद उनकी सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस 100 दिन के दौरान सम्राट सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणाएं की और कई विभिन्न योजनाओं पर काम को भी आगे बढ़ाया। हलांकि, सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे होते ही सरकार के कामकाज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

राजद विधायक रणविजय साहू ने सम्राट सरकार के 100 दिनों को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि यदि सरकार को अंक दिया जाए जीरो बटा जीरो मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्राट सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को सुधारने में पूरी तरह नकाम रही है। राज्य की राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में विधि-व्यवस्था की स्थिति खराब है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लाख दावों के बाद शासन-प्रशासन उनके नियंत्रण से बाहर हो चुका है। रणविजय साहू ने कहा कि राज्य में पूरी तरह अफसरशाही हावी है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सम्राट सरकार के 100 दिनों में युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार को लेकर कोई ठोस बहाली या विज्ञापन नहीं आया, जिससे छात्रों में निराशा है। सरकार ने इन 100 दिनों में जनता पर कई नए टैक्स लाद दिए हैं, जिससे ग्रामीण और आम लोग परेशान हैं। एनकाउंटर और पुलिस कार्रवाई के नाम पर राज्य में डर का माहौल बनाया जा रहा है और जनता से जुड़े जमीनी वादे अधूरे हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने सम्राट सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 100 दिन में सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही है और सरकार कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है। कमरुल होदा ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, यह संविधान के अधिकारों का पूरी तरह उल्लंघन है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सम्राट सरकार जनता को समर्पित है और इन 100दिनों में 12 नई टाउनशिप, स्मार्ट शहरों की योजनाओं और बड़े निवेश प्रस्तावों पर ठोस कदम उठाए गए हैं। भाजपा विधायक संजीव चौरसिया ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपने कार्यकाल का 100 दिन पूरा करने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और जनहित की अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार में बिहार लगातार विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं, जदयू विधायक श्याम रजक ने सम्राट सरकार के 100 दिनों को बेहद सफल बताते हुए कहा कि विपक्ष यूरोप के चश्मे से सरकार को देख रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन 100 दिनों में बेहतर ढंग से काम किया है।