अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर भगदड़ मचने से 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया।

लखीसराय। अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर 17 अगस्त को भगदड़ मचने से 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भगदड़ में करीब दो दर्जन श्रद्धालु घायल हुए हैं। 5 लोगों को गंभीर हालत में हायर सेंटर भेजा गया। कांवड़ियों की कतार के पास ही खेत में एक बिजली का पोल गिरने के बाद वहां करंट फैलने की अफवाह उड़ी, जिसके बाद भगदड़ मच गई। मरने वालों में सभी सात महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक संवेदना जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

अशोकधाम मंदिर के भगदड़ में मनमाला देवी (44), हेमलता देवी (55), ललिता देवी (45), सोनी देवी (50), संगीता देवी (40), सावित्री देवी (35) तथा रिंकू देवी (50) की मृत्यु हो गई। भगदड़ में पटना से विमला कुमारी, साविता देवी, रीना कुमारी, रेनू देवी, मोनी कुमारी, रागिनी कुमारी, मुस्कान कुमारी, कुमकुम देवी, मोनी कुमारी, शिवानी कुमारी, गुंजन कुमारी, तनु कुमारी, मौसम कुमारी, अनीता देवी, ममता देवी, रामपरी देवी, खुशी कुमारी, संध्या, लूटो देवी, पिंकी देवी, अमिरिका देवी, क्रांति देवी, कमली देवी, टुपटुप और गायत्री देवी घायल हुई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैरिकेडिंग के पास एक बिजली का पोल था। भीड़ के दबाव से बांस का बल्ला टूटकर पोल पर अटक गया, जिससे पोल गिर गया। उसके बाद अफवाह फैल गई कि पोल गिर गया है और करंट फैल गया है। उसके बाद लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। एक-दूसरे के ऊपर दौड़ते हुए भागने से बड़ी संख्या में लोग कुचलकर जख्मी हो गए, जिनमें से अब तक सात की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक अशोक धाम मंदिर से अशोक धाम रेलवे हॉल्ट तक करीब दो किलोमीटर में लोगों को कतार में लगाने के लिए बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग की गई थी। बताया गया कि मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य हो गया है। लोग कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर रहे हैं।