भारत की सामाजिक और क्षेत्रीय विविधता को देखते हुए अमेरिका या ब्रिटेन जैसी दो-दलीय व्यवस्था यहां व्यावहारिक नहीं जान पड़ती। गठबंधन की राजनीति ही असली रास्ता है।