मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा- ‘राज्य में विकास योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। विपक्ष इस बात का माहौल बना रहा है, जबकि यह सही नहीं है।’
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन बिहार विधान मंडल परिसर के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधान मंडल दल की बैठक की। बैठक में एनडीए के आपसी सहयोग और बिहार के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सभी घटक दलों को मिल कर राज्य के विकास की चिंता करनी है और बिहार को आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार विकास के लिए काम कर रही है, सभी घटक दलों के सहयोग से बिहार को आगे ले जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। बिहार में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जिन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, उन्हें बिहार में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य में खोले गए 211 नए डिग्री कालेजों को लेकर कहा कि कुछ समय पहले तक बिहार में केवल 274 डिग्री कॉलेज थे, लेकिन अब सरकार ने एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने इसे बिहार के विद्यार्थियों के लिए बड़ा तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी रात 12 बजे भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। विपक्ष इस बात का माहौल बना रहा है, जबकि यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा रही है, हर महीने की 10 तारीख को वृद्धजनों और दिव्यांगों के खातों में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर का जिक्र करते हुए कहा कि हर महीने के दूसरे और अंतिम मंगलवार को वह स्वयं पटना में लोगों की समस्याएं सुनते हैं, उनके समाधान का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद स्पष्ट है कि इंसाफ और अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने विधायकों एवं विधान पार्षदों की समस्याओं पर भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिन विधायकों और विधान पार्षदों को किसी तरह की परेशानी है, वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने एनडीए के विधायकों से बांकीपुर विधान सभा उप चुनाव के लिए प्रचार में समय देने की अपील की। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे शाम के समय कम से कम 2 घंटे प्रचार के लिए समय दें। बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के विधान सभा के सदस्य और विधान परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
