चिराग पासवान ने कहा- ‘राहुल गांधी एक मुद्दे को इतना खींचते है कि संसद का कामकाज प्रभावित होता है, फिर उसी मुद्दे के जरिए दूसरे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है।’
‘नेता प्रतिपक्ष के तौर पर तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी ज्यादा है। बेहतर होता कि जिन मुद्दों को अब सड़क पर उठाया जा रहा है, उन्हें सदन चलने के दौरान मजबूती से उठाया जाता।’
पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को विपक्ष के दो प्रमुख चेहरों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निशाने पर लेकर बिहार से दिल्ली तक की सियासत को साधने का प्रयास किया। पटना में मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह एक मुद्दे को इतना खींचते है कि संसद का कामकाज प्रभावित होता है और फिर उसी मुद्दे के जरिए दूसरे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। चिराग पासवान का सवाल सिर्फ आंदोलन करने को लेकर नहीं रहा, बल्कि उनका निशाना इस बात पर भी था कि जब संसद और बिहार में सदन चल रहे थे, तब विपक्ष इन मुद्दों को वहां कितनी मजबूती से उठा रहा था। यानी चिराग पासवान ने राहुल गांधी को लेकर राष्ट्रीय राजनीति और तेजस्वी यादव को लेकर बिहार की राजनीति, दोनों मोर्चों पर एक साथ हमला किया।
चिराग पासवान ने कांग्रेस के वंदे मातरम को लेकर रुख पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व आज इस मुद्दे को लेकर सवालों के घेरे में है और लंबे समय के बाद उसे फिर यही विषय याद आ रहा है। चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि संसद के पूरे मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने इसी तरह के मुद्दों के जरिए सदन की कार्यवाही को बाधित किया और अब उसी मुद्दे को दोबारा उठाकर देश के दूसरे महत्वपूर्ण विषयों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी यादव के आंदोलनकारी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचने पर भी चिराग पासवान ने सवाल उठाया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी ज्यादा है। बेहतर होता कि जिन मुद्दों को अब सड़क पर उठाया जा रहा है, उन्हें सदन चलने के दौरान मजबूती से उठाया जाता।
