सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी विधायकों ने पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को लेकर नारेबाजी की।
पटना। बिहार विधान मंडल के मॉनसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को बिहार विधान सभा के बाहर और अंदर जमकर नारेबाजी हुई। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी विधायकों ने पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को लेकर नारेबाजी की। इस बीच भाजपा विधायक श्याम बाबू यादव खड़े हुए और कहा कि डाकबंगला चौराहे पर जो बुधवार को प्रदर्शन हुआ, वो छात्र नहीं थे गुंडे थे। मेरे ऊपर हमला किया गया, मेरे गार्ड्स पर हमला हुआ, कल मेरी हत्या हो जाती, वो सब राजनीति पार्टी के गुंडे थे। इसके बाद सदन में हंगामा और बढ़ गया। स्पीकर प्रेम कुमार ने भाजपा विधायक को बैठने को कहा, लेकिन वो वेल तक पहुंच गए। उसके बाद विपक्षी विधायक भी वेल तक आ गए।
सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायकों के बीच भिड़ने की नौबत आ गई। सदन में सत्ता एवं प्रतिपक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे के देख लेने और धक्का-मुक्की एवं मारपीट करने पर उतारू हो गए। मार्शल ने बीच बचाव करके मामले को शांत करवाया। हंगामे के बीच स्पीकर प्रेम कुमार ने विधायकों को शांत कराने की कोशिश की। स्पीकर ने कहा कि ये सदन है, युद्ध का मैदान नहीं। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 8 मिनट में ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायक बैनर-पोस्टर लेकर विधान सभा पहुंचे। विपक्षी विधायकों ने पोर्टिको में लाठीचार्ज और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। विपक्षी विधायकों ने भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ के नारे लगाए और प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
