मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 100 दिनों की अवधि में सुशासन, सुधार के त्वरित निर्णय एवं विकास कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया है।

सम्राट सरकार ने 100 दिनों के दौरान रोजगार, आर्थिक समृद्धि, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा एवं औद्योगिक विकास से जुड़े कई फैसले लिए।

पटना। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने गुरुवार 23 जुलाई को अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। दरअसल, सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली थी। सम्राट सरकार ने 100 दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कई कड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 100 दिनों की अवधि में सुशासन, सुधार के त्वरित निर्णय एवं विकास कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया है। 100 दिनों के दौरान सम्राट सरकार ने रोजगार, आर्थिक समृद्धि, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा एवं औद्योगिक विकास से जुड़े कई फैसले लिए। सड़क, पुल और राज्य राजमार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को कृषि स्टार्टअप से जोड़ने की योजना भी 100 दिनों की अवधि में आगे बढ़ी है।

सम्राट सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में एक साथ 551 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) शुरू किया है। राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में कई घोषणाएं की गई हैं। कई नए विश्व विद्यालय खोलने की घोषणा भी इसमें शमिल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग और निवेश को आकर्षित करने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर पहल की है। सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभाओं की अनिवार्य बैठक कर पंचायत सरकार को अधिक सक्रिय बनाने, रोजगार सृजन और पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई कदम उठाए गए। मॉनसून को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक तैयारियों की लगातार समीक्षा की है। सम्राट सरकार ने 100 दिनों में महिला सशक्तीकरण, स्वयं सहायता समूहों और जीविका से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में योजनाओं को गति दी गई।

सम्राट सरकार ने अपने 100 दिनों में राजनीतिक स्तर पर भी संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से विभागों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही को भी सम्राट सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल रखा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आम जनता की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ और प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर ‘सहयोग कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को ब्लॉक या जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने से बचाना और उनकी समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही समाधान देना है। सहयोग शिविरों में राजस्व, भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, राशन, बिजली, पेयजल और कृषि से जुड़ी शिकायतों के आवेदन लिए जाते हैं। सहयोग शिविर प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत सरकार भवनों या निकटवर्ती सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके तहत हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद भवन’ में राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ आयोजित किया जाता है। जो लोग पंचायत स्तर के ‘सहयोग शिविर’ के समाधान से असंतुष्ट होते हैं, उनके मामलों की सीधी सुनवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में की जाती है।

सम्राट सरकार की प्रमुख पहल:-

  1. सम्राट सरकार द्वारा राज्य के 211 प्रखंड में नए डिग्री कॉलेज खोलकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की शुरुआत।
  2. राज्य में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार जैसे बड़े लक्ष्यों पर कागजी काम शुरू।
  3. सम्राट सरकार ने हर महीने की 10 तारीख को ‘बिहार पेंशन दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस दिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए पेंशन की राशि भेजी जाती है। अभी हर महीने की 10 तारीख को ‘पेंशन दिवस’ के अवसर पर करीब 98 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है।
  4. पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ और प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर ‘सहयोग कार्यक्रम’ की शुरुआत।
  5. सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभाओं की बैठक अनिवार्य।
  6. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के लिए डीबीटी के माध्यम से खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
  7. सम्राट सरकार ने राज्य में 12 नई टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की है।
  8. मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश व योजना पर काम शुरू हुआ है।
  9. अंग्रेजों के समय के 132 साल पुराने जेल मैनुअल को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
  10. सम्राट सरकार ने 100 दिनों में राज्य में सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुल 13 नए विधेयक पारित किए गए हैं।
  11. पारदर्शिता और जनसेवा का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया गया है।
  12. राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए 100 दिनों के भीतर 16 कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर किया गया है, जिसमें 4 अपराधी ढेर हुए और 12 के पैर में गोली लगी।
  13. पेपर लीक माफिया और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर सीसीए लगाया। 1.5 साल तक जमानत नहीं मिलने का प्रावधान किया गया है।
  14. बड़े टेंडर घोटाले में पूर्व आईएएस समेत कई अधिकारी गिरफ्तार किए गए।
  15. छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ पहल शुरू की गई है तथा डायल 112 सेवा को और तेज किया जा रहा है। डायल 112 का रिस्पॉन्स टाइम 7-8 मिनट का लक्ष्य।
  16. सम्राट सरकार ने शिक्षकों के अंक के आधार पर तबादले की घोषणा की है।
  17. व्यवसायिक वाहनों से स्टेट हाईवे पर टोल लेने की घोषणा।
  18. सम्राट सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के हेली टूरिज्म शुरू किया है।
  19. किसानों को 12 घंटे बिजली देने की घोषणा।
  20. पंचायतों का परिसीमन कराने की घोषणा।

कुल मिलाकर सम्राट सरकार के पहले 100 दिन तेज निर्णय, विकास योजनाओं को गति देने और प्रशासनिक सक्रियता के संदेश के साथ पूरे हुए हैं। अब आने वाले महीनों में इन घोषणाओं और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सरकार की वास्तविक परीक्षा होगी।