3 वर्षों तक प्रभावी रहने वाले इस समझौता ज्ञापन के मुताबिक, दोनों संस्थान प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
पटना। भारतीय प्रशासनिक सेवा और बिहार प्रशासनिक सेवा के साथ अन्य सेवा प्रशिक्षु पदाधिकारियों के लिए फैकल्टी का आदान-प्रदान करने की दिशा में प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) एवं बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) के शनिवार को एक समझौता ज्ञापन हुआ। 3 वर्षों तक प्रभावी रहने वाले इस समझौता ज्ञापन के मुताबिक, दोनों संस्थान प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में एक दूसरे का सहयोग करेंगे। बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी राजेंदर एवं प्रधान महालेखाकार के प्रधान महालेखाकार संतोष कुमार ने दोनों संस्थानों की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य इन दोनों संस्थानों के आपसी सहयोग से प्रशासनिक पदाधिकारी, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशाला एवं संगोष्ठियों का संयुक्त आयोजन, विषय विशेषज्ञों एवं संकाय सदस्यों का आदान-प्रदान, सरकारी लेखांकन, वित्तीय नियम, सेवा नियम, पेंशन, जीपीएफ, ई-गवर्नेंस एवं अन्य प्रशासनिक विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ प्रशिक्षण सामग्री, सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों एवं संस्थागत अनुभवों का साझा उपयोग किया जाना है। साथ ही समझौता में उपलब्ध संसाधनों के मुताबिक, प्रशिक्षण कक्ष, आईटी अवसंरचना एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, योग्य अधिकारियों को प्रशिक्षक के रूप में नामित करना, संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण योजना तैयार करना एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करना है। दोनों संस्थान गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और विकसित प्रशिक्षण सामग्री का उपयोग केवल आधिकारिक एवं गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस समझौता ज्ञापन के बीच दोनों संस्थानों के वरीय पदाधिकारियों ने बिपार्ड के नव निर्मित दक्षता भवन परिसर का निरीक्षण किया और यहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का गहनता से जांच की। इस अवसर पर बिपार्ड के अपर महानिदेशक संजय कुमार के साथ ही दूसरे कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
